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राज्य सरकार दिव्यांगजनों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध” – मंत्री श्री नित्यानंद गंड

📢 राज्यस्तरीय निरंतर पुनर्वास शिक्षा (C.R.E.) कार्यक्रम का शुभारंभ

PNS Bureau, 27 नवंबर 2025:
सामाजिक सुरक्षा एवं दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग तथा राज्य स्वतंत्र शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (SISEAR) के संयुक्त तत्वावधान में राज्यस्तरीय निरंतर पुनर्वास शिक्षा (सी.आर.ई.) कार्यक्रम का आयोजन लोक सेवा भवन के सम्मेलन कक्ष में किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सामाजिक सुरक्षा एवं दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग के मंत्री श्री नित्यानंद गंड ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को शुरुआती चरण से उचित देखभाल और उपचार मिल जाए तो उनकी अक्षमता को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार राज्यभर में जिला एवं ब्लॉक स्तर पर पुनर्वास केंद्र, जैसे DDRC, IIC एवं अन्य संस्थाओं के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को चिकित्सा, स्वंत्रत शिक्षा, शारीरिक एवं मानसिक देखभाल उपलब्ध करा रही है।


📌 कार्यक्रम के मुख्य तथ्य

🔹 इस वर्ष का विषय था – “बहुविध दिव्यांगता के लिए प्रारंभिक हस्तक्षेप का महत्व”
🔹 राज्य सरकार ने 1500 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की है ताकि सामान्य विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों को लाभ मिल सके।
🔹 दिव्यांग व्यक्तियों की आत्मनिर्भरता हेतु सहायक उपकरण, आजीविका सहायता एवं जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
🔹 पुनर्वास केंद्रों में स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी एवं अन्य उपचार की समन्वित व्यवस्था की गई है।
🔹 जिला एवं ब्लॉक स्तर पर शारीरिक एवं मानसिक मूल्यांकन, योजना एवं आवश्यक उपचार के लिए सुविधा उपलब्ध।


🗣 अधिकारियों के विचार

SISEAR की निदेशक आईएएस सुश्री पारुल पटावरी ने बताया कि
दिव्यांग बच्चों, विशेष रूप से ऑटिज़्म प्रभावित बच्चों को उचित मार्गदर्शन, थेरेपी व स्वतंत्र शिक्षा प्रदान कर उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए बाल्यावस्था से मूल्यांकन, डॉक्टरों एवं विशेषज्ञों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है।


🎯 कार्यक्रम में भागीदारी

👉 C.R.E. सत्र में 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
👉 सामाजिक सुरक्षा एवं स्वतंत्र शासन सचिव सुश्री रजनी जानी,
डॉ. स्मृति महापात्रा, श्री जितेंद्र बिश्वाल सहित
अतिरिक्त शासन सचिव श्री भास्कर रईत,
उप शासन सचिव दीपक राउतरे, सोनीया बेहेरा, विभागीय अधिकारी,
SISEAR एवं RCI से जुड़े प्रशिक्षु एवं कर्मी उपस्थित रहे।


📍 निष्कर्ष

✔ राज्य सरकार दिव्यांगजनों को समग्र पुनर्वास, शिक्षा व चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
प्रारंभिक पहचान व हस्तक्षेप, गुणवत्तापूर्ण देखभाल और तकनीकी सहयोग के माध्यम से इन्हें जीवन में आगे बढ़ाने का उद्देश्य।
✔ यह कार्यक्रम दिव्यांग सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।


📝 (PNS)

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